JKBOSE 10th Class Hindi Solutions chapter – 7 वाक्य परिवर्तन
JKBOSE 10th Class Hindi Solutions chapter – 7 वाक्य परिवर्तन
Jammu & Kashmir State Board JKBOSE 10th Class Hindi Solutions
वाक्य परिवर्तन
सार्थक शब्दों के समूह को वाक्य कहते हैं ।
जैसे— अशोक पुस्तक पढ़ता है। राम दिल्ली गया है । एक वाक्य में कम-से-कम दो शब्द – कर्ता और क्रिया अवश्य होने चाहिए। लेकिन वार्तालाप की स्थिति में कभी – एक शब्द भी पूरे वाक्य का काम कर जाता है।
यथा – आप कहां गये थे ?
दिल्ली।
बीमार कौन है ?
माता जी ।
वाक्य के तत्व – वाक्य के निम्नलिखित छः तत्व अनिवार्य हैं-
1. सार्थकता—वाक्य में सार्थक शब्दों का होना ज़रूरी है। निरर्थक शब्द भी वाक्य में किसी अर्थ के सूचक बन कर आते हैं।
जैसे – क्या झिक-झिक लगा रखी है ?
2. योग्यता – वाक्य में प्रत्येक शब्द के प्रकरण के अनुसार अर्थ देने की योग्यता अर्थात् क्षमता होनी चाहिए।
जैसे— गाय घास पीती है । इस शब्द समूह को वाक्य नहीं कहा जा सकता। घास पीने का पदार्थ नहीं, खाने का है। घास और पीना – ये दोनों साथ-साथ प्रयुक्त होने में असमर्थ हैं। अतः सही प्रयोग होगा-
(i) गाय घास खाती है । (ii) गाय पानी पीती है ।
3. आकांक्षा– वाक्य में आकांक्षा या जिज्ञासा नहीं होनी चाहिए। जैसे— संध्या को पूजा करता है- इस वाक्य में क्रिया के कर्त्ता को जानने की जिज्ञासा उत्पन्न होती है । अतः पूर्ण वाक्य इस प्रकार होगापुजारी संध्या को पूजा करता है ।
4. आसत्ति या निकटता या सन्निधि – बोलते अथवा लिखते समय वाक्य में प्रयुक्त शब्दों में परस्पर निकटता का होना ज़रूरी है। हां, विराम चिह्नों का प्रयोग ज़रूरी है ।
5. पदक्रम – वाक्य में शब्दों का क्रम में होना ज़रूरी है। क्रम भंग होने पर अर्थ का अनर्थ हो जाता है।
“खा चुके हैं सभी खाना व्यक्ति” – इस वाक्य में उचित क्रम का अभाव है। अतः यह निश्चित अर्थ प्रकट करने में असमर्थ है। इसे उचित क्रम में इस प्रकार लिखा जाना चाहिए – सभी व्यक्ति खाना खा चुके हैं।
6. अन्वय – अन्वय से अभिप्राय-मेल । वाक्य में लिंग, वचन, पुरुष, काल तथा कारक आदि का क्रिया के साथ अनुकरणात्मक मेल होना चाहिए। उदाहरण के रूप में वाक्य लिया जा सकता है।
इस प्रकार वाक्य (सरल वाक्य) आकांक्षा, योग्यता सन्निधि वाली संरचना है।
अर्थ की दृष्टि से वाक्य भेद
अर्थ की दृष्टि से वाक्य के निम्नलिखित आठ भेद हैं-
1. उद्गारवाचक वाक्य – जिस वाक्य में विस्मय, भय, हर्ष आदि उद्गार प्रकट हों उसे, उद्गारवाचक वाक्य कहते हैं। जैसे
(1) कितना सुन्दर दृश्य है।
(2) कितना रमणीक भवन है।
(3) अच्छा ! तुम भी गाना गाओगे ।
(4) हाय ! यह क्या हो गया ।
(5) ओह ! आज कितनी सर्दी है ।
2. विधि (= आज्ञा ) वाचक वाक्य – जिस वाक्य से आज्ञा या अनुमति का बोध हो, उसे विधिवाचक अथवा आज्ञावाचक वाक्य कहते हैं। जैसे
(1) अपना काम देखो।
(2) अब बैठकर पाठ याद करो ।
(3) अब कड़ाई में मसाला भुनिए ।
(4) कृपया मुझे यह पुस्तक दीजिए।
(5) आप जा सकते हैं।
3. प्रश्नवाचक वाक्य – प्रश्नवाचक वाक्य के मूल में जिज्ञासा होती है। इन वाक्यों में क्या, कौन, कब, कहां आदि शब्द लगते हैं। जैसे
(1) आप कल कहां गये थे ?
(2) कल कौन आया था ?
(3) क्या सूर्य गर्मी देता है ?
4. इच्छावाचक वाक्य – जिस वाक्य द्वारा इच्छा, आशीष या स्तुति प्रकट हो, उसे इच्छावाचक वाक्य कहते हैं। सुझाव भी इसी कोटि में आता है। जैसे-
(1) मोहन अब खेला जाए।
(2) आपकी यात्रा मंगलमय हो ।
(3) ईश्वर तुम्हारा भला करे ।
(4) आज तो कहीं से मिठाई मिल जाए।
5. विधानवाचक – जिस वाक्य से कार्य के होने की निश्चित सूचना मिलती है, उसे विधानवाचक वाक्य कहते हैं। सूचना सत्य भी हो सकती है और असत्य भी । जैसे—
(1) वह विद्यालय गया है ।
(2) मैं पढ़ रहा हूं।
(3) वह कल लौट आया था।
6. नकारात्मक ( निषेधात्मक ) वाक्य – जिस वाक्य से कार्य के न होने का बोध होता है, उसे नकारात्मक वाक्य कहते हैं। जैसे-
(1) मैं पढ़ नहीं रहा हूं।
(2) मैं कल लखनऊ नहीं जाऊंगा।
(3) वह कल नहीं लौटा।
7. संदेहवाचक वाक्य-जिस वाक्य से संदेह का बोध हो, उसे संदेहवाचक वाक्य कहते हैं। इसमें संदेहार्थी वृत्ति का प्रयोग होता है। जैसे-
(1) शायद वह कल यहां आए।
(2) यह पत्र लड़के ने लिखा होगा।
(3) अब वह घर पहुंच चुका होगा।
8. संकेतवाचक वाक्य – जिस वाक्य में विधान किसी शर्त की पूर्ति के बाद हो अथवा जिस वाक्य में एक क्रिया का होना दूसरी क्रिया के होने पर निर्भर करे, उसे संकेतवाचक वाक्य कहते हैं। इसमें संकेतार्थी वृत्ति का प्रयोग होता है। जैसे-
(1) अगर वह आएगा तो मैं जाऊंगा।
(2) अगर तुमने परिश्रम किया होता तो सफल हो जाते।
(3) अगर वह आ जाता तो मैं उससे मिल लेता।
(4) यदि बस आई तो मैं स्कूल जाऊंगा।
प्रश्न- कोष्ठक में दिए गए संकेत के अनुसार निम्नलिखित वाक्यों को बदलिए-
(1) वर्षा होगी (संदेहवाचक)
उत्तर – शायद वर्षा हो ।
(2) सोहन परीक्षा में उत्तीर्ण हो गया ? (प्रश्नवाचक)
उत्तर – क्या सोहन परीक्षा में उत्तीर्ण हो गया ?
(3) अच्छी वर्षा से फ़सल अच्छी होती है। (संकेतवाचक)
उत्तर – अच्छी वर्षा होती तो अच्छी फ़सल होती।
(4) उनके पिताजी चल बसे। (विस्मयवाचक)
उत्तर – अरे ! उनके पिताजी चल बसे।
(5) गरीब मेहनत करते हैं पर उन्हें भरपेट रोटी नहीं मिलती। (निषेधात्मक)
उत्तर – गरीब मेहनत करते हैं पर उन्हें भरपेट रोटी नहीं मिलती।
(6) मेरा पत्र आया है। (प्रश्नवाचक)
उत्तर – क्या मेरा पत्र आया है ?
(7 ) मेरी पुस्तक यहां है। (प्रश्नवाचक)
उत्तर – क्या मेरी पुस्तक यहां है।
(8) बच्चे घर में आराम कर रहे हैं ? (आज्ञा वाचक)
उत्तर – बच्चे घर में आराम करें।
(9) यह काम कर दीजिए। (निषेधात्मक)
उत्तर – यह काम मत कीजिए।
(10) यह विद्यालय गया है। (प्रश्नवाचक)
उत्तर – क्या वह विद्यालय गया है ?
(11) हर्ष गीत गा रहा है। (विस्मयवाचक)
उत्तर – अरे ! हर्ष गीत गा रहा है।
(12) आपने अपना काम पूरा किया। (प्रश्नवाचक)
उत्तर – क्या आपने अपना काम पूरा किया?
(13) प्रेम ने शायद उसका काम नहीं किया ? (संदेहवाचक)
उत्तर – प्रेम ने उसका काम नहीं किया।
(14) सुरेश ने पत्र लिखा है। (प्रश्नवाचक)
उत्तर – क्या सुरेश ने पत्र लिखा है ?
(15) अरे, सुरेश स्कूल जाएगा। (निषेधात्मक)
उत्तर – अरे, सुरेश स्कूल नहीं जाएगा।
(16) अनिल पुस्तक पढ़ेगा। (विस्मयवाचक)
उत्तर – वाह ! अनिल पुस्तक पढ़ेगा।
(17) विवेक बाज़ार जाएगा। (आज्ञा वाचक)
उत्तर – विवेक, बाज़ार जाओ।
(18) राम आज चलचित्र देखेगा । (इच्छावाचक)
उत्तर – राम आज चलचित्र देखे ।
(19) राम आज चलचित्र देखेगा। (संदेहार्थक)
उत्तर – राम ने आज चलचित्र देखा होगा।
(20) शायद वह सामान खरीदने के लिए बाज़ार गया है। (निषेधार्थक)
उत्तर – वह सामान खरीदने के लिए बाज़ार नहीं गया है।
( 21 ) क्या इस बार हमारे विद्यालय में बहुत बड़े-बड़े आदमी आ रहे हैं ? (निषेधार्थक)
उत्तर – इस बार हमारे विद्यालय में बहुत बड़े-बड़े आदमी नहीं आ रहे हैं ?
(22) मैं अपनी बात कह चुका हूँ। (प्रश्नवाचक)
उत्तर – क्या मैं अपनी बात कह चुका हूँ ?