JKBOSE 9th Class Hindi Grammar Chapter 4 अल्पप्राण-महाप्राण

 JKBOSE 9th Class Hindi Grammar Chapter 4 अल्पप्राण-महाप्राण

JKBOSE 9th Class Hindi Grammar Chapter 4 अल्पप्राण-महाप्राण

Jammu & Kashmir State Board JKBOSE 9th Class Hindi Grammar

J&K State Board class 9 Hindi Grammar

1. परिभाषा
1. (क) अल्पप्राण— व्यंजन अल्पप्राण कहलाते हैं जिनके उच्चारण में कम से कम समय लगता है और कम प्रयत्न करना पड़ता है, जैसे-थ, र, ल, ब, ड, ग, च, ज, टु, ड, त, द, प, ब, न।
(ख) महाप्राण— वे व्यंजन महाप्राण कहलाते हैं जिनके उच्चारण में अधिक समय लगे और अधिक प्रयत्न करना पड़े, जैसे- श, ष, स, ह, ख, ख, झ, ठ, ड, घ, फ, भ इनके अंत में (ह) की ध्वनि आती है।
2. महाप्राणीकरण / अल्पप्राणीकरण
महाप्राणीकरण— यदि किसी शब्द के अन्त में अल्पप्राण ध्वनि के आगे ‘ह’ ध्वनि हो तो वहाँ अल्पप्राण ध्वनि महाप्राण हो जाती है जैसे— तब + ही तभी। कब + ही कभी अब ही = अभी।
अल्पप्राणीकरण— कुछ शब्दों में पहले शब्द की अन्तिम महाप्राण ध्वनि का अल्पप्राणीकरण हो जाता है; जैसे— दूध + वाला = दूधवाला। ताख + पर ताकघर।
2. लोप / आगम/हस्वीकरण, सादशीकरण और स्वर परिवर्तन
लोप = यदि किसी शब्द की सन्धि में किसी एक वर्ण का लोप हो जाये तो वह लोप कहलाता है जैसे— किस + ही किसी नक + कटा नकटा यहाँ + ही यहीं वह ही वही ।
आगम— यदि दो स्वरों के बीच ‘य’ का आगम हो जाता है तो वह आगम कहलाता है जैसे— लड़की + औं = लड़कियों। कवि +ओं कवियों नदी +ओं = नदियों
हस्वीकरण— सामासिक पदों में पूर्वपद का दीर्घ स्वर इस्व हो जाता है; जैसे— मीठा + बोला= मिठबोला। कान + कटा = कनकटा। आम + चूर अमचूर बहू + एँ बहुएँ।
सादृश्यीकरण— कुछ शब्दों में भिन्न ध्वनियाँ एकरूप हो जाती हैं; जैसे— जगत् + नाथ = जागन्नाथ । पोत + दार = पोद्दार । उत् + लास = उल्लास ।
स्वर परिवर्तन— सामासिक पदों में स्वर परिवर्तन हो जाता है, जैसे— पानी + घाट = पनघट। घोड़ा + दौड़ = घुड़दौड़ । छोटा + भैया = छुटभैया।
लोप और आगम
लोप का अर्थ है लुप्त हो जाना या छिप जाना। जब किसी शब्द की सन्धि करते समय कोई वर्ण लुप्त हो जाता है तो वह लोप कहलाता है; जैसे- किस + ही = किसी । आगम का अर्थ जुड़ना या आ जाना होता है। जब दो स्वरों के बीच किसी अन्य ध्वनि का आगमन हो जाता है तो वह आगम कहलाता है; जैसे- कवि + ओं = कवियों।
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